- उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
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उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
उज्जैन जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 की शुरुआत उत्सव के माहौल में हुई। एक अप्रैल से शुरू हुए “स्कूल चलें हम” अभियान के तहत बुधवार को जिलेभर के शासकीय स्कूलों में प्रवेश उत्सव मनाया गया। इस दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का पारंपरिक तरीके से तिलक लगाकर स्वागत किया गया और उन्हें स्कूल में प्रवेश दिलाया गया। शहर के दशहरा मैदान स्थित स्कूल और शास्त्री नगर के उत्कृष्ट विद्यालय में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
जिले का मुख्य कार्यक्रम शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माधवनगर में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में कलेक्टर रौशन सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष कलावती यादव, सीईओ जिला पंचायत श्रेयांश कुमुट सहित शिक्षा विभाग के कई अधिकारी शामिल हुए। इस अवसर पर राज्य स्तर से प्रसारित संबोधन का सीधा प्रसारण भी विद्यार्थियों और शिक्षकों को दिखाया गया, जिससे अभियान की व्यापकता और उद्देश्य को समझाया जा सके।
अधिकारियों के अनुसार यह अभियान चार अप्रैल तक चलेगा, जिसमें हर दिन स्कूलों में अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। ब्लॉक स्तर पर भी उत्कृष्ट विद्यालयों को केंद्र बनाकर कार्यक्रम किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ा जा सके और शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े।
प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यार्थियों को न केवल स्वागत स्वरूप पाठ्यपुस्तकें वितरित की गईं, बल्कि पात्र छात्रों को साइकिल भी प्रदान की गई, जिससे उन्हें स्कूल आने-जाने में सुविधा मिल सके। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी बच्चे को प्रवेश से वंचित न रखा जाए और हर पात्र विद्यार्थी को शिक्षा से जोड़ा जाए।
अभियान के तहत आगामी दिनों में भी कई गतिविधियां प्रस्तावित हैं। दो अप्रैल को स्कूल स्तर पर अभिभावकों के साथ बैठक (पीटीएम), सांस्कृतिक कार्यक्रम और खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इस दौरान अभिभावकों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जाएगी और जिन विद्यार्थियों की उपस्थिति 85 प्रतिशत से अधिक रही है, उनके अभिभावकों का सम्मान भी किया जाएगा।
वहीं चार अप्रैल को “भविष्य से भेंट” कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें कलेक्टर सहित 91 अधिकारी विभिन्न स्कूलों में पहुंचकर विद्यार्थियों से सीधे संवाद करेंगे। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा के महत्व से जोड़ना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। कुल मिलाकर, जिले में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत उत्साह, सहभागिता और शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल के साथ हुई है।